बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक घूसखोर पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला साजा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम डोंगीतराई क्षेत्र का बताया जा रहा है। जहां तैनात पटवारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक सीधे-साधे किसान से उसके जायज काम के बदले मोटी रकम की मांग की थी। एसीबी की इस त्वरित और औचक कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग और शासकीय अमले में हड़कंप मच गया है।
जमीन बंटवारे के एवज में मांगी थी घूस
मिली जानकारी के अनुसार, डोंगीतराई क्षेत्र के एक स्थानीय पीड़ित किसान को अपनी कृषि भूमि के आपसी बंटवारे और उससे जुड़े राजस्व दस्तावेजों को दुरुस्त कराने की सख्त जरूरत थी। जब वह इस काम के लिए संबंधित हल्के के पटवारी के पास पहुंचा, तो पटवारी ने नियमानुसार काम करने के बजाय किसान को परेशान करना शुरू कर दिया। काफी चक्कर लगवाने के बाद पटवारी ने जमीन का बंटवारा करने और रिकॉर्ड को ऑनलाइन व ऑन-पेपर अपडेट करने के एवज में किसान के सामने 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग रख दी। किसान इस अनुचित मांग से बेहद परेशान था और रिश्वत देने के बिल्कुल पक्ष में नहीं था।
किसान ने ACB से लगाई न्याय की गुहार
पटवारी की लगातार बढ़ती जा रही पैसों की मांग और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार पीड़ित किसान ने कानून का सहारा लेने का मन बनाया। किसान ने चुपके से रायपुर/दुर्ग स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के कार्यालय में पहुंचकर आरोपी पटवारी के खिलाफ लिखित में एक लिखित शिकायत दर्ज करा दी। किसान ने अपनी शिकायत में साफ तौर पर बताया कि किस तरह सरकारी मुलाजिम उसके जायज काम को रोकने की धमकी देकर पैसों की उगाही करने पर आमादा है। एसीबी के आला अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत शिकायत का सत्यापन कराया और पटवारी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल (ट्रेप) बिछाने की तैयारी शुरू कर दी।
15 हजार रुपये के साथ पटवारी रंगे हाथ पकड़ाया
योजना के मुताबिक, एसीबी की टीम ने पीड़ित किसान को विशेष केमिकल (फिनोलफ्थलीन पाउडर) लगे हुए नोट देकर पटवारी के पास भेजा। जैसे ही किसान ने साजा तहसील के डोंगीतराई क्षेत्र में तय स्थान पर पहुंचकर पटवारी को रिश्वत के 15 हजार रुपये थमाए, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद खड़ी एसीबी की विशेष टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने पटवारी को मौके पर ही धर दबोचा। जब मौके पर ही रसायन युक्त पानी से पटवारी के हाथ धुलवाए गए, तो उसके हाथ उम्मीद के मुताबिक गुलाबी हो गए, जो इस बात का अकाट्य प्रमाण था कि उसने रिश्वत की रकम को अपने हाथों से छुआ और स्वीकार किया था। पुलिस अब आरोपी पटवारी के पुराने मामलों और उसकी संपत्ति की भी जांच कर रही है।
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