रायपुर-छत्तीसगढ़ ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नवा रायपुर में दूसरे विशेष आर्थिक क्षेत्र (स्श्र्वं) को मंजूरी मिल गई है। पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को नवा रायपुर में 10.13 हेक्टेयर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंजीनियरिंग आधारित एसईजेड स्थापित करने की स्वीकृति मिली है, जहां सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्माण किया जाएगा।
यह परियोजना इसलिए खास है क्योंकि इसके जरिए छत्तीसगढ़ में पहला सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित होगा। इसके साथ ही राज्य तकनीक आधारित और उच्च मूल्य वाले उद्योगों की नई दुनिया में कदम रखेगा। इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ तकनीक आधारित निवेश और आधुनिक विनिर्माण का नया केंद्र बनकर उभरेगा।
नवा रायपुर में बनने वाला यह विशेष आर्थिक क्षेत्र राज्य के निर्यात को बढ़ावा देने, नए निवेश आकर्षित करने और छत्तीसगढ़ को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही कौशल विकास, नवाचार और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।
अनुमान है कि इस परियोजना से अगले पांच वर्षों में 1300 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही राज्य में कुशल युवाओं के लिए हाई-टेक उद्योगों में काम करने के नए रास्ते खुलेंगे और तकनीकी कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ में निवेश और उद्योगों के लिए बन रहे सकारात्मक माहौल का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेहतर आधारभूत सुविधाएं, पारदर्शी व्यवस्था और निवेश अनुकूल नीतियों के जरिए भविष्य के उद्योगों के लिए मजबूत वातावरण तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सेमीकंडक्टर तकनीक भविष्य की जरूरत है। नवा रायपुर में राज्य का पहला सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित होना केवल उद्योग की शुरुआत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव है। इससे युवाओं को बेहतर रोजगार मिलेगा, तकनीकी कौशल बढ़ेगा और राज्य नई औद्योगिक पहचान के साथ आगे बढ़ेगा। ‘
छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है। भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की एलईएडीएस 2025 रैंकिंग में छत्तीसगढ़ को स्थलरुद्ध राज्यों की श्रेणी में ‘हाई परफॉर्मरमाना गया है। यह राज्य की बेहतर लॉजिस्टिक्स व्यवस्था, औद्योगिक संपर्क और निर्यात क्षमता को दर्शाता है। नवा रायपुर का यह नया एसईजेड छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Author Profile
Latest entries
Big breakingJuly 10, 2026जल जीवन मिशन 2.0 छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव नीति पर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न
Big breakingJuly 10, 2026सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण
Big breakingJuly 10, 2026उद्योगों के वृक्षारोपण कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे आवास एवं पर्यावरण मंत्री चौधरी
Big breakingJuly 10, 2026स्कूल सिर्फ किताबी ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की धुरी – मंत्री वर्मा
