बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और मुंगेली शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक झटका लगा है। मुंगेली जिले में 9 सहायक शिक्षकों को जो प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति दी गई थी, उसे अब तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
जांच में सामने आया कि हाईकोर्ट के आदेश को गलत तरीके से समझकर ये प्रमोशन दिए गए थे। कोर्ट ने सिर्फ नियमों के तहत “विचार करने” को कहा था, लेकिन विभाग ने इसे सीधे पदोन्नति मानकर आदेश जारी कर दिया।
अब संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर ने पूरे मामले को गलत मानते हुए आदेश निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और अब पूरे प्रमोशन प्रकरण की दोबारा समीक्षा की संभावना भी जताई जा रही है।
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