रायपुर: आषाढ़ माह के प्रथम दिवस पर 29 एवं 30 जून को सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर स्थित रामवनगमन पर्यटन स्थल रामगढ़ में दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। महोत्सव की तैयारियों एवं सफल आयोजन को लेकर मंगलवार को अंबिकापुर के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, वनमंडलाधिकारी अभिषेक जोगावत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर रामसिंह ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बनसिंह नेताम, रामराज सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान महोत्सव के सफल संचालन हेतु एजेंडावार चर्चा की गई। पार्किंग व्यवस्था, रामजानकी मंदिर परिसर में सीताबेंगरा गुफा से मंदिर तक प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, स्टॉल सज्जा, राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी, कवि सम्मेलन, विद्यालयीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा आगंतुकों के लिए आवश्यक सुविधाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बस सुविधा उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया गया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि रामगढ़ केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। रामगढ़ महोत्सव के माध्यम से इसकी गौरवशाली पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व और धार्मिक आस्था से समृद्ध रामगढ़ में इस वर्ष का महोत्सव पहले से अधिक भव्य और आकर्षक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। दो दिवसीय आयोजन में राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी, कवि सम्मेलन, विद्यालयीन सांस्कृतिक कार्यक्रम, शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुतियां तथा विविध सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित होंगी, जो आगंतुकों को भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं से रूबरू कराएंगी।
मंत्री अग्रवाल ने स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और लोक संस्कृति को नई पहचान देना महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ विश्व की प्राचीनतम नाट्यशालाओं में से एक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है तथा यह स्थल संस्कृति, इतिहास, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम है।
कलेक्टर अजीत वसंत ने बैठक में संबंधित विभागों को सौंपे गए दायित्वों का समयबद्ध और जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रामगढ़ के ऐतिहासिक महत्व को केंद्र में रखकर व्यापक जनभागीदारी के साथ महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय सीमा में तैयारियां पूर्ण करें, ताकि आगंतुकों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
रामगढ़ महोत्सव-2026 के माध्यम से न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। आयोजन से स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्राप्त होने की उम्मीद है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग द्वारा महोत्सव को यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
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