रायपुर: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर स्थित रामवनगमन पर्यटन परिपथ एवं विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ का विस्तृत स्थल निरीक्षण कर महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आयोजन स्थल पर पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होने वाला यह महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता का महत्वपूर्ण उत्सव होगा, इसलिए आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं आकर्षक होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री अग्रवाल ने सीताबेंगरा, हाथी पोल, हेलीपैड, मुख्य मंच, पार्किंग स्थल, पंडाल, बैठक व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जाने वाले प्रदर्शनी एवं विभागीय स्टॉलों की तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से सीताबेंगरा और हाथी पोल क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महोत्सव में आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, आगंतुकों की आवाजाही, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए आयोजन को सफल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप भव्य और यादगार आयोजन के रूप में स्थापित हो।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, ऐतिहासिक धरोहरों और पुरातात्विक महत्व को नई पहचान देने का अवसर है। यह आयोजन न केवल पर्यटन को नई गति देगा, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति, लोक परंपराओं एवं रोजगार के नए अवसरों को भी प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण रामगढ़ की ओर बढ़ेगा और सरगुजा क्षेत्र पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
उन्होने आगे कहा कि रामगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है। रामगढ़ की विश्वविख्यात धरोहरों, सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाओं तथा रामवनगमन पर्यटन परिपथ को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य को लेकर आगामी 29 एवं 30 जून को आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव की सभी तैयारियां समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण की जा रही हैं।
कलेक्टर अजीत वसंत ने भी सभी विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता वीरेंद्र चौधरी, अनुविभागीय अधिकारी रामराज सिंह, उदयपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वेद प्रकाश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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