रायपुर- छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में जिला खनिज न्यास निधि से विभिन्न विकास कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत बलौदाबाजार, पलारी और सिमगा विकासखंड के कई स्कूलों में नए किचन शेड, अतिरिक्त कक्षाएं और प्रार्थना शेड बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही मूलभूत सुविधाओं की कमी दूर होगी।
जिले के कई सरकारी स्कूल लंबे समय से बैठक व्यवस्था (स्थान की कमी), मध्याह्न भोजन पकाने के लिए सुरक्षित जगह और खराब मौसम जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे। डीएमएफ से स्वीकृत ये नए कार्य न केवल इन कमियों को दूर करेंगे, बल्कि स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
विकास कार्यों का लेखा-जोखार- कहां, क्या और कितना हुआ स्वीकृत
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्रामीण अंचलों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिला खनिज न्यास निधि से विकास कार्यों की सिलसिलेवार स्वीकृतियां दी गई हैं। इसकी शुरुआत 12 जून 2026 को सिमगा विकासखंड के अंतर्गत परसवानी और भालेसुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में प्रार्थना शेड निर्माण के लिए क्रमशः 10-10 लाख रुपये जारी किए गए, जबकि इसी विकासखंड की फूलवारी और तिल्दाबांधा प्राथमिक शालाओं में दो-दो अतिरिक्त कमरों के लिए भी 20 लाख रुपये (10-10 लाख रुपये प्रति स्कूल) की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
इसके बाद 18 जून 2026 को बलौदाबाजार विकासखंड के प्राथमिक शाला चिचोली, मगरवाय, केशडबरी, और पूर्व माध्यमिक शाला खम्हरिया-चापा व धवई में 5-5 लाख रुपये की लागत से कुल पांच किचन शेड मंजूर किए गए। इसी तारीख को करमनडीह और खम्हरिया यदु की प्राथमिक शालाओं में दो-दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
अधोसंरचना विकास की इस कड़ी में 07 जुलाई 2026 को मिली, जिसमें सिमगा और बलौदाबाजार विकासखंड के 10 गांवों चंडी, फरहदा, केसली, मटिया,रवेली,भाटागांव, खैरघटा, कोलियारी, कुकुरदी और मगरवाय के स्कूलों को शामिल किया गया। इन सभी 10 शिक्षण संस्थानों में दो-दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए प्रति स्कूल 10 लाख रुपये के मान से कुल 1करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जिससे बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर और पर्याप्त स्थान मिल सकेगा।
शिक्षा को आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना हमारा संकल्प- मंत्री टंक राम वर्मा
इस महत्वपूर्ण सौगात पर प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का विजन सिर्फ भवनों का निर्माण करना नहीं, बल्कि सुदूर गांवों तक ऐसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना ह,ै जो बच्चों के लिए शिक्षा के मार्ग को सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक बना सकें। उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि का असली हकदार स्थानीय समाज है। हमारी सरकार खनिज प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए इस पैसे का सीधा लाभ वहां के बच्चों तक पहुंचा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में किया जा रहा यह निवेश आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के निर्माण में निवेश है। जब बच्चों को बैठने के लिए अच्छे कमरे, मध्याह्न भोजन के लिए स्वच्छ किचन और प्रार्थना के लिए व्यवस्थित शेड मिलेगा, तो स्कूलों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में सकारात्मक बदलाव दिखाई देगा।
Author Profile
Latest entries
NATIONALAugust 26, 2026Road Accident: भीषण सड़क हादसा, डंपर की टक्कर से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, 1 घायल
Big breakingAugust 26, 2026मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बलरामपुर-जशपुर दौरे पर,विभिन्न विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण
Big breakingAugust 26, 2026चीनी की बढ़ती कीमतों पर केंद्र का बड़ा फैसला, कच्ची चीनी के आयात नियम बदले
Big breakingAugust 26, 2026ब्रेकिंग : इन पेंशनरों का महंगाई भत्ता बढ़ा, जानिये अब कितना मिलेगा डीए, 1 जनवरी से मिलेगा एरियर्स का लाभ…








