रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल में कोंडागांव से भाजपा विधायक लता उसेंडी ने महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में बी.एड. और डी.एड. पाठ्यक्रम संचालित नहीं होने का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 लागू है और शिक्षक शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। साथ ही पूछा कि शहिद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर में शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक के कुल कितने पद स्वीकृत है। कितने कार्यरत है?
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उच्च शिक्षा विभाग के अधीन प्रदेश के किसी भी जिले में बी.एड. या डी.एड. कॉलेज संचालित नहीं हैं। मंत्री ने सदन को बताया कि प्रदेश में 13 ऐसे महाविद्यालय चिन्हित किए गए हैं, जहां भविष्य में बी.एड. कॉलेज खोले जा सकते हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि, उच्च शिक्षा विभाग की ओर से किसी भी जिले में बी.एड और डी.एड महाविद्यालय संचालित नहीं है। इसका संचालन स्कूल शिक्षा विभाग और SCERT द्वारा किया जाता है। शहिद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर में शैक्षणिक के कुल 265 पद स्वीकृत है। कुल 236 पद रिक्त है। गैर शैक्षणिक के कुल 320 पद स्वीकृत। गैर शैक्षणिक के कुल 291 पद रिक्त है। वहीं कुल छात्र क्षमता 3300 है। वर्तमान में 1898 छात्र अध्ययनरत है। UGC के मानकों के हिसाब से 223 शिक्षक होने चाहिए। वर्तमान में 29 नियमित शिक्षक कार्यरत है।
हालांकि, इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और संबंधित नियामक संस्थाओं के अलग-अलग नियम एवं मानक हैं, जिनका पालन करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस दिशा में आगे की कार्यवाही के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो आवश्यक प्रक्रियाओं और संभावनाओं का अध्ययन कर अपनी अनुशंसाएं देगी।
लता उसेंडी ने पूछा कि क्या पूर्व में शिक्षकों के भर्ती संबंधित शिकायत मिली थी क्या? जवाब में मंत्री ने कहा, हां, जांच समिति द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर राज्यपाल व कुलाधिपति द्वारा पत्र दिनांक 13 फरवरी 26 द्वारा शिकायतें निराधार होने के कारण प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया है।
जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखीं विधायक लता उसेंडी ने कहा कि महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में लंबे समय से कई पद रिक्त हैं, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने सरकार से विश्वविद्यालय में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती करने और क्षेत्र के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बी.एड./डी.एड. पाठ्यक्रम शीघ्र शुरू करने की मांग की। प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे पर शिक्षक शिक्षा, उच्च शिक्षा संस्थानों की उपलब्धता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी चर्चा हुई।
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