लोरमी। मुंगेली जिले का लोरमी क्षेत्र, जहां प्रकृति ने अपनी खूबसूरती दिल खोलकर लुटाई है। इसी लोरमी में स्थित है ‘राजीव गांधी जलाशय’, जिसे स्थानीय लोग ‘खुड़िया बांध’ भी कहते हैं। इन दिनों यहां सैलानियों का तांता लगा हुआ है। पहाड़ों की गोद में समाया यह बांध न सिर्फ किसानों के लिए जीवनदायिनी है, बल्कि इसमें एक बड़ा टूरिज्म हब बनने की असीम संभावनाएं छुपी हैं।
मॉनसून की दस्तक के साथ ही इसकी रंगत में चार चांद लग गए हैं। जलाशय के वेस्टवियर से दूधिया सफेद चादर की तरह बहते पानी के विहंगम नजारे को देखने के लिए प्रदेश के कोने-कोने से सैलानी आ रहे हैं। अब सूबे के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी इस क्षेत्र की तकदीर बदलने का खाका तैयार कर लिया है। आखिर क्या है खुड़िया बांध की जमीनी हकीकत और कैसे यह छत्तीसगढ़ के पर्यटन का नया चेहरा बनेगा?
‘राजीव गांधी जलाशय’ लोरमी ब्लॉक मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर ग्राम खुड़िया में स्थित है। तीन विशाल प्राकृतिक पहाड़ियों को आपस में जोड़कर बनाया गया इंजीनियरिंग का यह अद्भुत नमूना छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने और ऐतिहासिक बांधों में से एक है। इन तीन पहाड़ियों के मध्य से होकर ‘मनियरी नदी’ बहती है। अंग्रेजी शासन काल में जब इस इलाके में कृषि की असीम संभावनाएं देखी गईं, तो साल 1927 में इस बांध को बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो तीन साल की कड़ी मशक्कत के बाद 1930 में पूरी हुई। उस दौर में यानी आज से करीब एक सदी पहले इसे बनाने में तकरीबन 99.4 लाख रुपयों की लागत आई थी। आज यह बांध सैलानियों के लिए सुकून का एक ऐसा ठिकाना है, जहां मोबाइल नेटवर्क भले ही गायब हो जाए, लेकिन दिल प्रकृति से जुड़ जाता है।
18.3 मीटर ऊंचे और करीब 1,218 मीटर लंबे इस विशाल बांध की कुल जल भराव क्षमता 61.2 मिलियन क्यूबिक मीटर है, लेकिन जब मॉनसून में इसका जलग्रहण क्षेत्र लबालब भर जाता है तो वेस्टवेयर से छलकते पानी का नजारा देखने लायक होता है, लेकिन विडंबना देखिए सालों से इस ऐतिहासिक और खूबसूरत पर्यटन स्थल को वह मुकाम नहीं मिल पाया, जिसका यह हकदार था। बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रचार-प्रसार का अभाव इसके विकास में रोड़ा बने रहे, मगर अब वक्त बदलने वाला है। स्थानीय विधायक और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस क्षेत्र के कायाकल्प का बड़ा ऐलान किया है। सरकार की योजना खुड़िया बांध और इससे सटे अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) को मिलाकर एक ‘इंटीग्रेटेड मेगा टूरिज्म सर्किट’ के रूप में विकसित करने की है, ताकि वाइल्डलाइफ और वॉटर टूरिज्म का डबल डोज पर्यटकों को अपनी ओर खींच सके।
यदि सरकार का यह मास्टरप्लान धरातल पर उतरता है तो इसका सबसे बड़ा फायदा लोरमी और खुड़िया के स्थानीय युवाओं को होगा। पर्यटकों की आमद बढ़ने से इलाके में गाइड, बोटिंग ऑपरेटर, और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे सेक्टर्स में सीधे नए रोजगार मिलेंगे। इसके अलावा, होम-स्टे और लोकल रेस्टोरेंट्स का चलन बढ़ने से ग्रामीणों की आय बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र के युवाओं का बड़े शहरों की ओर होने वाले पलायन के रुकने की भी संभावना है।
Author Profile
Latest entries
Big breakingJuly 21, 2026सीसीटीएनएस को और सशक्त बनाने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
Big breakingJuly 21, 2026मंगलदास ठाकुर छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मनोनीत
Big breakingJuly 21, 2026TRANSFER NEWS : 6 पुलिस अधिकारियों के किए तबादले, देखें लिस्ट
Big breakingJuly 21, 2026“माटी से मेरा रिश्ता कल भी था, आज भी है…” खेत में रोपा लगाते दिखे मंत्री टंक राम वर्मा
