रायपुर / छत्तीसगढ़
- सरकार देश भर में स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाने की योजना पर काम कर रही है।
- कई राज्यों में सरकारी कनेक्शनों के लिए यह व्यवस्था पहले ही से लागू या लागू की जा रही है।
- 1 अप्रैल से नई नियमावली के तहत स्मार्ट-प्री-पेड मीटरों को लागू करने और इनके लिए संभावित लाभ देने की तैयारियाँ जारी हैं।
देश में बिजली वितरण प्रणाली को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और पूर्व भुगतान-आधारित बनाने के लिए स्मार्ट प्री-पेड मीटरों को व्यापक रूप से लागू किया जा रहा है। यह कदम केंद्रीय व राज्य सरकारों के रिवैम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत उठाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को अधिक कुशल, कम नुकसान वाला और वित्तीय रूप से स्थिर बनाना है।
यह प्रणाली उपभोक्ताओं को पहले से बिजली के लिए एडवांस भुगतान करने की सुविधा देती है, जिससे बकाया बिलों की समस्या कम होती है और उपयोगकर्ता को अपनी खपत पर बेहतर नियंत्रण मिलता है। कुछ राज्यों में तो यह व्यवस्था सरकारी कार्यालयों पर पहले ही से लागू कर दी गयी है जिसमें प्री-पेमेंट के आधार पर बिजली बकाया रखने वाले विभागों के लिए मीटर अनिवार्य कर दिए गए हैं और अग्रिम भुगतान पर छूट/रबीट की व्यवस्था भी मिली है।
वर्तमान में कई राज्यों में यह परिवर्तन चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिसमें 1 अप्रैल जैसे तिथियों पर नई नियमावली के तहत स्मार्ट प्री-पेड मीटरों के लिए विशेष लाभ/टैरिफ छूट की घोषणाएँ भी सार्वजनिक हुई हैं। उदाहरण के तौर पर बिहार में स्मार्ट प्री-पेड मीटर वाले उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट दर में अतिरिक्त छूट मिलेगी और अन्य लाभ भी मिल रहे हैं।
Author Profile
Latest entries
NATIONALJuly 10, 2026अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी ज्यादा अल्कोहल वाली दवा, केंद्र सरकार ने बदले नियम
Big breakingJuly 10, 202612 जुलाई को होगी छत्तीसगढ़ SI भर्ती प्रारंभिक परीक्षा, 22 केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थी होंगे शामिल
Big breakingJuly 10, 2026CG Assembly : छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से, पांच दिनों तक कई अहम मुद्दों पर होगा मंथन
Big breakingJuly 10, 2026खरीफ सीजन ने पकड़ी रफ्तार, छत्तीसगढ़ में 20 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में फसलों की बोनी…..
