युक्तियुक्करण और जर्जर भवनों के मुद्दे पर बरसे राजेश मूणत, बोले- मैंने खुद दरी खरीद कर दी, अधिकारी सुनते नहीं, जानिए शिक्षा मंत्री ने क्या दिया जवाब?

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रयपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को शिक्षकों के युक्तियुक्करण और जर्जर भवनों का मुद्दा गूंजा। खास बात यह रही कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को घेरने में विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष के विधायक आगे रहे।

राजेश मूणत का तीखा प्रहार

बता दें कि पूर्व मंत्री और रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने स्कूलों की जर्जर हालत पर नाराजगी जताते हुए कहा कि युक्तियुक्करण के बाद स्कूलों की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने सदन में खुलासा किया कि उन्हें खुद अपने स्तर पर स्कूलों के लिए दरी (Carpets) खरीद कर देनी पड़ी। मूणत ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत के बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी जमीनी हकीकत जांचने नहीं पहुंचे। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि 30 मार्च तक प्रदेश के सभी स्कूलों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

रायपुर में 389 स्कूलों का हुआ खेल, 166 भवन खाली

गौरतलब है कि विधायक सुनील सोनी ने खाली पड़े स्कूल भवनों के उपयोग पर सवाल दागा। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने आंकड़े पेश किए-

  • पूरे प्रदेश में 10,538 शालाओं का युक्तियुक्करण किया गया।
  • रायपुर जिले में 389 स्कूलों में से 385 का युक्तियुक्करण हुआ।
  • 166 स्कूल भवन अब भी खाली पड़े हैं, जिनका कोई उपयोग नहीं हो रहा है।
  • मंत्री ने आश्वासन दिया कि नए सत्र से 150 नए स्कूल स्वामी आत्मानंद और विवेकानंद स्कूल की तर्ज पर शुरू किए जाएंगे।अतिथि शिक्षकों का मुद्दा

विपक्ष ने अतिथि शिक्षकों की भर्ती, वेतन और नियमितीकरण का मुद्दा उठाया। कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरते हुए कहा कि चुनाव से पहले ‘मोदी की गारंटी’ के तहत नियमितीकरण का वादा किया गया था, लेकिन ढाई साल बीतने के बाद भी सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। अतिथि शिक्षकों को न समय पर वेतन मिल रहा है और न ही भविष्य की सुरक्षा।

मंत्री गजेंद्र यादव के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

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