बिलासपुर/छत्तीसगढ़
हाईलाइट बॉक्स:
• अमृत मिशन के तहत अब तक 300 करोड़ खर्च
• 24×7 जल आपूर्ति के लिए 22 करोड़ की अतिरिक्त मांग
• 35 हजार घरों में लगातार पानी सप्लाई की योजना
• स्कॉडा सिस्टम से होगी निगरानी और नियंत्रण
• लगभग 1 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
योजना का अगला चरण: 24 घंटे जल आपूर्ति की पहल
बिलासपुर शहर में अमृत मिशन योजना के तहत सतही जल (बांध का पानी) घर-घर पहुंचाने के लिए अब तक लगभग 300 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। अब नगर निगम शहरवासियों को 24 घंटे निर्बाध जल आपूर्ति देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इसके लिए शासन से 22 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि की मांग की गई है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो शहर के करीब 35 हजार घरों में दिन-रात लगातार पानी पहुंचाना संभव हो सकेगा।
डीपीआर भेजी गई, नूतन कॉलोनी से होगा पायलट प्रोजेक्ट
नगर निगम ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर शासन को भेज दी है। अमृत मिशन योजना के नोडल अधिकारी अनुपम तिवारी ने जानकारी दी कि 24 घंटे जल आपूर्ति की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में नूतन कॉलोनी पानी टंकी से की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे शहर के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जाएगा, जिससे जल प्रबंधन की प्रणाली और अधिक सुदृढ़ हो सके।
स्कॉडा सिस्टम से स्मार्ट मॉनिटरिंग
इस योजना का सबसे अहम हिस्सा स्कॉडा (SCADA) सिस्टम होगा, जिसके माध्यम से पूरे जल वितरण नेटवर्क की रियल-टाइम निगरानी की जा सकेगी। नए फ्लो मीटर लगाए जाएंगे, जिनसे यह तुरंत पता चल सकेगा कि किस टंकी में कितना पानी पहुंच रहा है। जैसे ही किसी टंकी का स्तर कम होगा, बिरकोना ट्रीटमेंट प्लांट से पानी की आपूर्ति स्वतः शुरू हो जाएगी। इससे पानी की उपलब्धता लगातार बनी रहेगी और मानवीय हस्तक्षेप कम होगा।
लीकेज पर तुरंत नियंत्रण, पानी की बचत पर जोर
स्कॉडा सिस्टम का एक और बड़ा फायदा यह होगा कि यदि कहीं पाइपलाइन में लीकेज या खराबी आती है, तो उसकी जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम के मॉनिटर पर दिखाई देगी। इससे संबंधित टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कर सकेगी। इस तकनीक से न केवल पानी की बर्बादी रुकेगी, बल्कि वितरण प्रणाली की कार्यक्षमता भी बेहतर होगी। एक अधिकारी ने कहा, “इस सिस्टम से हम हर बूंद पानी का सही उपयोग सुनिश्चित कर पाएंगे।”
लोगों को सीधा लाभ, खपत के अनुसार बिलिंग
इस योजना से लगभग एक लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही, मीटरिंग सिस्टम लागू होने के बाद पानी की बिलिंग उपभोक्ताओं की वास्तविक खपत के आधार पर की जाएगी। इससे लोगों में पानी बचाने की जागरूकता बढ़ेगी और अनावश्यक उपयोग पर नियंत्रण लगेगा। शहरवासियों के लिए यह पहल न केवल सुविधा बढ़ाने वाली है, बल्कि जल संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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