बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मैनपावर सप्लाई घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आर्थिक अपराध सामान्य अपराध नहीं होते, बल्कि ये समाज और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली सुनियोजित साजिश हैं। ऐसे मामलों में अदालत को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
यह मामला सीएसएमसीएल में कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान में कथित गड़बड़ी और मैनपावर सप्लाई से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार निजी एजेंसियों के बिल तब तक पास नहीं किए जाते थे, जब तक वे तय कमीशन नहीं देती थीं। आरोप है कि बाद में कमीशन की राशि बढ़ाकर बिल का एक-तिहाई तक कर दिया गया था।
ईडी की ट्रैप कार्रवाई में 29 नवंबर 2023 को 28.80 लाख रुपए नकद बरामद किए गए थे। इसके बाद जांच के आधार पर ACB ने भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। जांच एजेंसियों का दावा है कि निगम और निजी एजेंसियों के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से रकम अनवर ढेबर तक पहुंचाई जाती थी।
अनवर ढेबर को 23 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने हाईकोर्ट में दायर याचिका में खुद को राजनीतिक साजिश का शिकार बताया और कहा कि उन्हें जेल में रखने के लिए अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। हालांकि राज्य सरकार ने जमानत का विरोध किया।
हाईकोर्ट ने कहा कि शुरुआती जांच में आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। अदालत के मुताबिक यह मामला सरकारी धन और जनता के पैसों से जुड़ा है, इसलिए इसमें नरमी नहीं बरती जा सकती। कोर्ट ने ढेबर को इस कथित घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता और लाभार्थी माना है।
Author Profile
Latest entries
Big breakingMay 16, 2026अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही भाजपा का लक्ष्य” — बृजमोहन अग्रवाल
Big breakingMay 16, 2026गांव की चौपाल में दिखी मुख्यमंत्री की सादगी और संवेदनशीलता
Big breakingMay 16, 2026साय सरकार की योजनाओं से कौशिल्या को मिला पक्का आशियाना, अब सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा परिवार
Big breakingMay 16, 2026केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्तावित बस्तर प्रवास की तैयारियों का उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लिया जायजा
