रायपुर। प्रदेशभर में आयोजित हो रहे सुशासन तिहार आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनता जा रहा है। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचकर उनके सपनों को साकार कर रही हैं। ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी गौरेला -पेन्ड्रा -मरवाही जिले के ग्राम पंचायत देवरीखुर्द की कौशिल्या बाई की है, जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना और महतारी वंदन योजना से पूरी तरह बदल गया है।
कभी बारिश की हर बूंद के साथ चिंता और असुरक्षा में जीवन बिताने वाली कौशिल्या बाई आज अपने पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। वर्षों तक उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था, जहाँ हर मौसम नई परेशानियां लेकर आता था। बरसात के दिनों में घर टपकता था और तेज हवा या बारिश के दौरान परिवार की सुरक्षा को लेकर हमेशा डर बना रहता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का मकान बनवाना उनके लिए एक अधूरा सपना बनकर रह गया था।
साय सरकार की प्राथमिकता में शामिल प्रधानमंत्री आवास योजना ने कौशिल्या बाई के इस सपने को हकीकत में बदल दिया। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित सुशासन शिविर देवरीकला में उन्हें उनके नए आवास की चाबी और प्रमाण पत्र सौंपा गया। अपने नए घर को देखकर कौशिल्या बाई की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब उनका परिवार बिना किसी भय और परेशानी के सुरक्षित माहौल में रह रहा है। कौशिल्या बाई ने बताया कि राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना भी उनके परिवार के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। हर महीने मिलने वाली सहायता राशि से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी परेशानी होती थी, लेकिन अब आर्थिक स्थिति में सुधार महसूस हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति कौशिल्या बाई ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने उनके परिवार के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं यदि सही लोगों तक पहुंचें तो गरीब और जरूरतमंद परिवारों का जीवन वास्तव में बदल सकता है।
सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश सरकार गांव-गांव तक पहुंचकर आम लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिला रही है। साय सरकार की संवेदनशील कार्यशैली और जनकल्याणकारी सोच का प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आज कौशिल्या बाई की कहानी केवल एक परिवार की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं जब अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखती हैं।
Author Profile
Latest entries
Big breakingAugust 15, 2026Independence Day: PM मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को किया संबोधित
Big breakingAugust 15, 2026Independence Day 2026: CM विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई
Big breakingAugust 15, 2026Independence Day : पुलिस परेड ग्राउंड से CM विष्णु देव साय ने किया ध्वजारोहण, देखें LIVE…
NATIONALAugust 15, 2026Aaj Ka Panchang 15 August 2026: हरियाली तीज पर जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, अमृत काल और दिशाशूल
