युद्ध प्रभावित समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खतरे को पार करते दो जहाज शिवालिक और नंदा देवी एलपीजी लेकर भारत पहुंच चुके हैं. आज UAE से कच्चा तेल लेकर एक और जहाज भारत पहुंच गया है. मिसाइल हमलों के बीच भारतीय नौसेना की निगरानी में तेल से लदा जग लाडकी जहाज सुरक्षित भारत पहुंचा है.
ईरान युद्ध की वजह से हो पैदा हुई ऊर्जा संकट के बीच जग लाडकी जहाज 80800 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा. 14 मार्च को यह जहाज UAE के फुजैराह पोर्ट से तेल लेकर चला था. जग लाडकी को होर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुजरना पड़ा है क्योंकि वो यूएई का फुजैराह पोर्ट ओमान की खाड़ी में है.
164716 टन क्षमता वाला यह जहाज जब यूएई बंदरगाह पर तेल लोड कर रहा था, उसी वक्त पोर्ट पर हमला हो गया था.हमले के वक्त कुछ देर के लिए जहाज पर लोडिंग रोकी गई, फिर जैसे ही मौका मिला नौसेना की निगरानी में जहाज ने सफर की शुरुआत की और खतरों को पार करते हुए भारतीय तट को छू लिया.
274.19 मीटर लंबा और 50.04 मीटर चौड़ा जहाज जग लाडकी साल 2010 में बना है. यह देश की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी लिमिटेड का समुद्री तेल टैंकर है. जग लाडकी संयुक्त अरब अमीरात, इराक और सऊदी अरब से कच्चा तेल भारत लाता है. तिरंगा लगे इस जहाज से पहले 16 मार्च को शिवालिक और 17 मार्च को नंदा देवी 92700 मीट्रिक टन LPG गैस लेकर भारत पहुंचे हैं. तीन दिन में तीन जहाजों ने मिडिल ईस्ट के संवेदनशील इलाके को पार करने में सफलता हासिल की है. हालांकि, अभी भी एलपीजी, कच्चे तेल से लदे करीब 22 भारतीय जहाज हॉर्मुज स्ट्रेट पर इंतजार कर रहे हैं.
होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों में से 6 शिप पर करीब 3 लाख टन से ज्यादा एलपीजी लदा है. इसके अलावा एलएनजी टैंकर, चार क्रूड ऑयल टैंकर, एक केमिकल टैंकर होर्मुज में फंसे हैं.
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