रायपुर : महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत और जांच एजेंसियों के बीच हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों की सराहना की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आरोपी की भारत वापसी के बाद मामले से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।
सोमवार सुबह रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सौरभ चंद्राकर को पकड़ने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) लगातार प्रयास कर रही थी। उसकी गिरफ्तारी जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कामयाबी है। मुख्यमंत्री ने CBI समेत सभी केंद्रीय जांच एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि इस मामले में आगे कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
CBI की ओर से 1 नवंबर 2026 को जारी जानकारी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था। इसी के आधार पर ओमान में उसकी तलाश की गई और रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। इसके बाद CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मामले से जुड़े साक्ष्यों के साथ ओमान सरकार को प्रत्यर्पण का औपचारिक प्रस्ताव भेजा।भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियों, इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो और ओमान के अधिकारियों के बीच समन्वय के बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की गई। अनुमति मिलने पर CBI की विशेष टीम मस्कट पहुंची और सौरभ चंद्राकर को भारत लेकर आई।
जांच एजेंसी के अनुसार, भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर की मेडिकल जांच कराई गई। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे रायपुर लाए जाने और 2 नवंबर को विशेष CBI अदालत में पेश किए जाने की जानकारी दी गई है। अदालत में पेशी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच से जुड़े कदम महत्वपूर्ण होंगे।
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मामलों की जांच CBI कर रही है। राज्य सरकार की ओर से इस प्रकरण से संबंधित 13 FIR जांच के लिए CBI को सौंपी गई थीं। वहीं, ED ने भी सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है। अब जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर रहेगी कि आरोपी से पूछताछ और मामले में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर कथित नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और अन्य संबंधित लोगों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।

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