बिलासपुर। बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर परिसर के कुंड में एक बार फिर कछुओं की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम कुंड के जल में चार कछुओं के शव तैरते मिलने से हड़कंप मच गया।
मंदिर प्रबंधन की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालकर जांच शुरू की गई। यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि पिछले वर्ष इसी कुंड में 30 कछुओं की मौत हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब सात बजे मंदिर प्रबंधन ने वन विभाग को चार कछुओं की मौत की सूचना दी। इसके बाद रतनपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी समेत वन अमला तुरंत मंदिर पहुंचा।
कुंड के पास भारी भीड़ जमा थी, जिसे हटाने के बाद शवों को बाहर निकाला गया। प्रथम दृष्टया यह मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया।
मृत कछुओं को रेंज कार्यालय लाया गया, जहां कानन पेंडारी जू के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. पी.के. चंदन द्वारा पोस्टमार्टम किया गया।
फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के कारणों का खुलासा हो सके। यदि मौत प्राकृतिक पाई जाती है तो मामले को यहीं समाप्त किया जाएगा, लेकिन यदि किसी तरह की शरारत या शिकार की पुष्टि होती है तो वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि मार्च 2025 में इसी कुंड के किनारे 30 कछुए मृत पाए गए थे, जिनमें अधिकांश जाल में फंसे हुए थे। उस समय जांच में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही और संदिग्ध गतिविधियों की बात सामने आई थी। इसी कारण इस बार भी विभाग पूरी सतर्कता के साथ जांच कर रहा है।
वन विभाग ने मृत कछुओं का बिसरा सुरक्षित कर लिया है, जिसे लैब जांच के लिए जबलपुर भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मंदिर परिसर और कुंड क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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