गरियाबंद। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और जनजीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखंड के दूरस्थ एवं विशेष पिछड़े क्षेत्र सुपेबेड़ा तथा आसपास के गांवों के लिए बहुप्रतीक्षित जल प्रदाय योजना तेजी से मूर्त रूप ले रही है। सुपेबेड़ा जल प्रदाय योजना के लिए 10 करोड़ 34 लाख 32 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य को 5 जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जल प्रदाय योजना की टेस्टिंग प्रक्रिया 30 जून से प्रारंभ होने की संभावना है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के पूर्ण होने पर सुपेबेड़ा, सागुनबाड़ी, मोटरापारा, निष्ठीगुड़ा, सेंधमुड़ा, खोकसरा, खम्हारगुड़ा, परवापाली एवं ठिरलीगुड़ा सहित कुल 9 गांवों के नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। योजना के अंतर्गत सेंधमुड़ा घाट क्षेत्र में तेल नदी पर इंटेकवेल का निर्माण किया जा रहा है। सुपेबेड़ा में 75 हजार लीटर क्षमता वाले उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण किया जा चुका है तथा जल शोधन (फिल्टर) संयंत्र का कार्य प्रगति पर है। यहां से शुद्ध पेयजल की पंपिंग कर संबंधित गांवों में निर्मित अलग-अलग जल टंकियों तक पहुंचाया जाएगा, जहां से घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से आमजन को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
इस योजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 2 हजार 74 परिवारों को घर-घर नल कनेक्शन का लाभ मिलेगा। जिससे वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थाई समाधान मिलेगा। जिला मुख्यालय गरियाबंद में संभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुपेबेड़ा एवं आसपास के गांवों में जल उपलब्धता को और सुदृढ़ करने के लिए 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की है। इससे क्षेत्र में जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन तथा पेयजल स्रोतों की स्थिरता को मजबूती मिलेगी।
यह योजना केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने, महिलाओं एवं बच्चों की जल संग्रहण संबंधी कठिनाइयों को कम करने तथा ग्रामीण विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी सोच और संवेदनशील पहल का यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है। जिससे देवभोग विकासखंड के हजारों ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
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