रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। प्रदेश में अगले चार दिनों तक मानसूनी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और मध्यम से भारी बारिश के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग ने अलग-अलग जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रायपुर में भी बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना है।रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हुई। बारिश के कारण राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों के तापमान में गिरावट आई और उमस तथा गर्मी से लोगों को राहत मिली।
हालांकि मानसूनी गतिविधियां बढ़ने के बावजूद प्रदेश में अब तक बारिश की स्थिति सामान्य से कम बताई जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य की तुलना में करीब 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
अगले 4 दिनों तक सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार छत्तीसगढ़ में आने वाले चार दिनों तक मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है।
बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां भी हो सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है।
बारिश से गिरा रायपुर का तापमान
राजधानी रायपुर में शनिवार को अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके बाद रविवार को हुई हल्की बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया।
बारिश के बाद राजधानी के तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। तापमान नीचे आने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।
रायपुर के अलावा प्रदेश के कई अन्य क्षेत्रों में भी बारिश के कारण तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखने को मिली।
इन इलाकों में भी हुई बारिश
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रविवार को मानसूनी गतिविधियां देखने को मिलीं। रायपुर के अलावा बसना, सरायपाली, सोनाखान, पिथौरा, बिलाईगढ़, सारंगढ़, बगीचा और कोरबा सहित कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई।
बारिश के बाद कई स्थानों पर मौसम सुहावना हो गया। प्रदेश में रविवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और बूंदाबांदी या बारिश की संभावना जताई गई है।
रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बारिश होने की स्थिति में दिन के तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में तेज हवा, बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है।
इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाएं हो सकती हैं।
रायपुर समेत कई जिलों में यलो अलर्ट
प्रदेश के बड़े हिस्से के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद और रायपुर समेत कई जिलों में मौसम खराब हो सकता है।
इसके अलावा बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में भी गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश के आसार बताए गए हैं।
इन इलाकों में कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
आकाशीय बिजली को लेकर रहें सतर्क
बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। गरज-चमक होने पर सुरक्षित इमारत के अंदर रहना बेहतर है।
किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को भी मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। किसी क्षेत्र के लिए जारी चेतावनी की नवीनतम जानकारी मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक माध्यम से देखी जा सकती है।
बारिश की कमी पूरी होने की उम्मीद
छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियां तेज रहने पर बारिश की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है।
लगातार बारिश खेती-किसानी के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, लेकिन कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव जैसी परेशानी भी पैदा हो सकती है। ऐसे में आने वाले चार दिनों तक प्रदेश के लोगों को मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की जरूरत होगी।
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