रायपुर। धरसींवा विकासखंड के ग्राम परसतराई स्थित दाऊ पोषण लाल शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही एवं संवेदनशील मामला सामने आया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शासन की सरस्वती साइकिल योजना के तहत वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता अत्यंत निम्न स्तर की है।
स्कूल परिसर में विद्यार्थियों की प्रार्थना के लिए बनाए गए प्रार्थना शेड को शिक्षा विभाग एवं संबंधित ठेकेदार की कथित मिलीभगत से साइकिलों के कल-पुर्जों का कबाड़घर बना दिया गया है। वहीं बाहरी ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा उसी स्थान पर साइकिलों की असेंबलिंग एवं रिपेयरिंग का कार्य किया जा रहा है।
मौके पर मौजूद कर्मचारियों से जानकारी लेने पर बताया गया कि कई साइकिलों में आवश्यक पुर्जे उपलब्ध नहीं हैं, फिर भी उन्हें बिना पूर्ण रूप से तैयार किए ही विद्यार्थियों को वितरित कर दिया जाता है। यह शासन की योजना की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वर्तमान भीषण वर्षा के मौसम में प्रार्थना शेड कबाड़ से भरा होने के कारण विद्यालय के मासूम छात्र-छात्राएं खुले में भीगते हुए प्रार्थना करने को मजबूर हैं। यह स्थिति शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
केवल परसतराई ही नहीं, बल्कि आसपास के विद्यालयों की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। ग्राम मांढर के विद्यालय में बरसात के दौरान परिसर में पानी भर जाता है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
साइकिल वितरण की प्रभारी सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी वंदना शुक्ला पर भी क्षेत्र में अनुपस्थित रहने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी से इस संबंध में जानकारी लेने पर कबाड़ रखने की जिम्मेदारी से बचते हुए उच्च अधिकारियों का हवाला दिया गया। लगातार ऐसी शिकायतें भी प्राप्त हो रही हैं कि जिला शिक्षा अधिकारी आमजन एवं जनप्रतिनिधियों के फोन रिसीव नहीं करते तथा ब्लॉक मुख्यालय में भी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते, जिससे विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिकायतकर्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ता है।
यह पूरा मामला धरसींवा विकासखंड के छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।
मांग हम शासन एवं प्रशासन से मांग करते हैं कि सरस्वती साइकिल योजना में हुई कथित अनियमितताओं, विद्यालय परिसर में प्रार्थना शेड के दुरुपयोग तथा शिक्षा विभाग की लापरवाही की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।
Author Profile
Latest entries
Big breakingJuly 31, 2026रायपुर में बाहुबली, कटप्पा और AI से क्यूट गणेश प्रतिमाएं बनाने पर बजरंग दल ने जताई आपत्ति, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
Big breakingJuly 31, 2026धरसींवा ब्लॉक के स्कूलों में शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही उजागर, सरस्वती साइकिल योजना में अनियमितता के आरोप
Big breakingJuly 31, 2026CM साय ने मेदांता अस्पताल में किरण सिंह देव से की मुलाकात, सड़क हादसे के बाद जाना स्वास्थ्य हाल
Big breakingJuly 31, 2026जलापूर्ति योजनाओं के दीर्घकालीन सुचारू संचालन के लिए जल संचय और जल संरक्षण जरूरी – उप मुख्यमंत्री अरुण साव
