रायपुर-छत्तीसगढ़ सरकार की डिजिटल सुशासन पहल ‘सेवा सेतु’ प्रदेश के नागरिकों तक सीधे सरकारी सुविधाएं पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण जरिया बन चुकी है, जिससे आमजन को अब छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसी तारतम्य में, डिजिटल सशक्तिकरण की एक प्रभावी झलक दुर्ग जिले के ग्राम बोरई में देखने को मिली, जहाँ विगत 3 जुलाई 2026 को आवेदित दो हितग्राहियों, जय ठाकुर और यमुना ठाकुर का सामाजिक प्रास्थिति (अनुसूचित जनजाति-गोंड) प्रमाण-पत्र अनुविभागीय अधिकारी हरवंश सिंह मिरी द्वारा त्वरित रूप से स्वीकृत कर ऑनलाइन जारी किया गया। बिना किसी दफ्तर जाए, घर बैठे आईटी नियमों के तहत प्राप्त हुए ये डिजिटल दस्तावेज़ यह पुख्ता प्रमाण हैं कि ’सेवा सेतु’ व्यवस्था दूर-दराज के इलाकों में भी बेहद पारदर्शी, त्वरित और जन-अनुकूल तरीके से काम कर रही है।
उल्लेखनीय है कि ‘सेवा सेतु’ छत्तीसगढ़ के नागरिकों तक डिजिटल सेवाएँ लाने की एक ऐसी खास पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से दूर-दराज विशेषकर ग्रामीण इलाकों में रहने वालों तक सरकार की योजनाएं और सुविधाएं पहुंचाना है। राज्य सरकार की इस डिजिटल पहल के तहत लगभग 36 विभागों की 528 सेवाएँ एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस नई डिजिटल व्यवस्था के शुरू होने से अब हितग्राहियों का समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है, साथ ही उन्हें अपनी पढ़ाई और नौकरी से जुड़े जरूरी प्रमाण-पत्र पाने के लिए दलालों और बिचौलियों से भी पूरी तरह मुक्ति मिल गई है।
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