बिलासपुर-मुंगेली। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जांच एजेंसी EOW-ACB ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को एजेंसी ने बिलासपुर और मुंगेली जिलों में छापेमारी करते हुए कुल 16 वाहनों को जब्त किया है। आरोप है कि इन वाहनों का इस्तेमाल डिस्टलरियों से सरकारी शराब दुकानों तक अवैध शराब पहुंचाने के लिए किया जा रहा था।
डिस्टलरी मालिकों ने रची थी साजिश
EOW की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अवैध शराब के परिवहन के लिए डिस्टलरी मालिकों ने खास इंतजाम किए थे। इन गाड़ियों को डिस्टलरी मालिकों ने अपनी कंपनियों, कर्मचारियों और कुछ बेहद भरोसेमंद लोगों के नाम पर खरीदा था। इन वाहनों का इस्तेमाल अवैध शराब को सीधे सरकारी देशी दुकानों तक भेजने के लिए किया जाता था।
कहां से कितनी गाड़ियां हुईं जब्त?
एजेंसी ने बिलसौर के कोटा के वेलकम डिस्टलरी 08 वाहन जब्त किए। वहीं सरगांव, मुंगेली के भाटिया वाइंस डिस्टलरी से भी 08 वाहन जब्त किए है। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि ये गाड़ियां फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके करीबी लोगों के नाम पर खरीदी गई थीं। 15 हजार रुपये वेतन पर बॉटलिंग का काम करने वाले कर्मचारी के नाम पर 10 चक्का ट्रक खरीदा गया। सुरक्षा गार्ड से लेकर अन्य करीबी लोगों के नाम पर भी गाड़ियां खरीदी गईं। पुलिस अब इन गाड़ियों के मालिकों और उनके इस्तेमाल के संबंध में अलग से जांच कर रही है। जल्द ही इस बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है।EOW ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 12 सहित धोखाधड़ी (420), कूटनीति (467, 468, 471) और आपराधिक साजिश (120-बी) के तहत मामला दर्ज किया है। ब्यूरो ने साफ किया है कि इस घोटाले की कड़ियां जोड़ने के लिए विवेचना और वैधानिक कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।
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