ब्रेकिंग : कृषि अधिकारी को मिली आजीवन कारावास की सजा, इस मामले में हुई कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!

Spread the love

रायपुर। छत्तीसगढ़ बालोद निवासी कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को रेप केस में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान कॉलेज फ्रेंड से दोस्ती की थी, कई सालों के अफेयर के बाद उसे शादी का झांसा दिया और शारीरिक संबंध बनाए।

2024 में जब देवनारायण की सरकारी नौकरी लगी तो उसने युवती को ‘नीची जाति’ की कहकर शादी से साफ मना कर दिया। 2 मई को इस केस में रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने आरोपी को SC,ST एक्ट समेत कई धाराओं में दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

पढ़िए क्या है मामला ?

पीड़िता बिलासपुर जिले की रहने वाली है। देवनारायण साहू के साथ जगदलपुर के एग्रीकल्चर कॉलेज में साथ पढ़ती थी। बाद में दोनों रायपुर में एग्रीकल्चर कोचिंग करने लगे। इसी दौरान आरोपी ने युवती को प्रपोज किया।

पीड़िता ने कोर्ट में बताया, उसने शुरुआत में रिलेशनशिप से मना कर दिया था, क्योंकि दोनों की जाति अलग थी और उसे शादी होने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन आरोपी ने भरोसा दिलाया, नौकरी लगने के बाद शादी करेगा।

कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, फरवरी 2021 में आरोपी ने युवती को रायपुर के धरमपुरा स्थित अपने किराए के मकान में बुलाया। वहां शादी का भरोसा देकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने बयान में कहा, 2023-24 के दौरान भी आरोपी लगातार शादी का वादा कर संबंध बनाता रहा।

2024 में आरोपी की नौकरी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर लग गई। इसके बाद उसका व्यवहार बदलने लगा। कोर्ट में पीड़िता ने कहा, आरोपी उसे ‘नीची जाति की लड़की’ कहकर अपमानित करने लगा। इसके बावजूद नवंबर 2025 में आरोपी ने उसे मानपुर बुलाया और फिर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया।

पीड़िता के मुताबिक, 4 दिसंबर 2025 को आरोपी ने उसे रायपुर बुलाया और साफ कहा, वह उससे शादी नहीं करेगा, वह दूसरी जाति की है। आरोपी ने यह भी कहा, वह किसी दूसरी लड़की से शादी करना चाहता है।

आरोपी ने युवती को फोन, व्हाट्सऐप समेत हर जगह से ब्लॉक कर दिया। पीड़िता की मां और भाई ने अदालत में बयान दिया। दोनों ने कहा, युवती ने उन्हें आरोपी की तरफ से शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और बाद में जाति के नाम पर शादी से इंकार करने की जानकारी दी थी।

पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉक्टर ने कोर्ट को बताया, युवती का हाइमन फटा हुआ था। डॉक्टर ने यह भी कहा, परीक्षण के दौरान पीड़िता ने आरोपी द्वारा लंबे समय तक शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने की बात बताई थी।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है, आरोपी शुरू से पीड़िता की जाति जानता था, फिर भी उसने धोखे से उसका शोषण किया। कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए उम्रकैद के साथ अन्य धाराओं में सजा और 6 हजार जुर्माना ठोका है। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत में हुई। कोर्ट ने आरोपी को BNS की धारा 64(2)(M) में 10 साल कठोर कारावास, BNS की धारा 69 में 10 साल कठोर कारावास और SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(5) में उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

Author Profile

newstodayindia

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *