बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर के सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा से दर्दनाक हादसा सामने आया है। जहां दो सगे मासूम भाइयों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चे अपने दादा के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने एक दिन पहले दिल्ली से गांव पहुंचे थे। घर के बुजुर्ग की मौत के मातम में डूबे परिवार के लिए यह घटना किसी वज्रपात से कम नहीं है।
ग्राम नरगोड़ा निवासी किशोर कुमार खरे के बेटे ऋषभ कुमार खरे (11) और रितेश कुमार खरे (13) अपने पिता के साथ दिल्ली में रहते थे। उनके पिता वहां मजदूरी करते हैं। बच्चों के दादा का हाल ही में निधन हुआ था और शुक्रवार को उनका दशगात्र कार्यक्रम होना था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने पूरा परिवार गांव पहुंचा था। दोनों भाई अपने साथी निहाल के साथ गांव के नया तालाब में नहाने गए। नहाने के दौरान दोनों भाई तालाब के गहरे हिस्से में चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद निहाल तालाब की मेढ़ पर बैठा हुआ था। उसने बच्चों को डूबते देखा तो शोर मचाया, लेकिन आसपास कोई मौजूद नहीं था। इसके बाद वह दौड़कर बच्चों के घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण तालाब पहुंचे। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर सीपत गांव पहुंची, पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्रामीणों ने बताया, गांव पहुंचने के बाद दोनों बच्चे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ इसी तालाब में नहाने गए थे। तेज गर्मी के कारण दोनों फिर अपने दोस्त के साथ तालाब पहुंच गए। बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों को तैरना नहीं आता था। नहाते समय वे अनजाने में गहरे पानी की ओर चले गए और हादसे का शिकार हो गए।
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