CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में मानसून का रौद्र रूप, अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट

Spread the love

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में बुधवार को दिनभर झमाझम बारिश हुई। कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार जुलाई महीने में बना यह दूसरा मजबूत मानसूनी सिस्टम है, जिसका असर पूरे प्रदेश में साफ दिखाई दे रहा है। पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश का दौर जारी है। बस्तर और सरगुजा संभाग के कुछ हिस्सों को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम अभी कमजोर नहीं पड़ा है, इसलिए अगले दो दिनों तक तेज बारिश जारी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने गुरुवार को कोरबा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ और जशपुर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक 190 मिमी बारिश सूरजपुर में दर्ज की गई। इसके अलावा अंबिकापुर में 100 मिमी, रायपुर में 80 मिमी, जबकि रायगढ़, डोंगरगढ़, बलौदाबाजार, राजनांदगांव और माना में 70-70 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

मानसून सीजन की बात करें तो सारंगढ़ प्रदेश का सबसे अधिक बारिश वाला जिला बन गया है। यहां अब तक 613 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 373 प्रतिशत अधिक है। वहीं जांजगीर-चांपा में 574 मिमी, मुंगेली में 525 मिमी, बिलासपुर में 492 मिमी और रायपुर में 150 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

हालांकि पूरे प्रदेश में बारिश का वितरण समान नहीं है। अब तक राज्य में औसतन 381 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी भी 11 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें कांकेर (257 मिमी, 50 प्रतिशत कम), सरगुजा (249.9 मिमी, 49 प्रतिशत कम), कोंडागांव और मोहला-मानपुर प्रमुख हैं।

मौसम विभाग ने लोगों से भारी बारिश के दौरान नदी-नालों के पास जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न रुकने की अपील की है। प्रशासन को भी संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

Author Profile

newstodayindia