सहकारिता से बढ़ेगी किसानों की आय, गांव होंगे आत्मनिर्भर: मुख्यमंत्री साय ने 162 करोड़ की तेंदूपत्ता प्रोत्साहन राशि वितरण की शुरुआत

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रायपुर। रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और विकसित छत्तीसगढ़ की नींव तैयार करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है।

भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संग्रहण वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण का शुभारंभ किया।

साथ ही उत्कृष्ट सहकारी समितियों को ‘सहकार प्रेरणा पुरस्कार’ से सम्मानित किया और महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश वितरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जिससे सहकारिता का दायरा गांव-गांव तक पहुंचा है।

राज्य सरकार कृषि के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, वनोपज और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने कहा कि पहले किसानों को खेती के लिए ऊंची ब्याज दर पर ऋण लेना पड़ता था, जबकि अब सहकारी व्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस वर्ष प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कृषि ऋण दिया गया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया, जिससे किसानों का पंजीयन पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से होगा।

उन्होंने सहकारी संस्थाओं के स्टॉलों का अवलोकन किया, पांच नई पैक्स समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए और छत्तीसगढ़ हर्बल्स के पांच नए उत्पादों का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का मजबूत आधार है। इससे किसानों, वनवासियों, महिला समूहों और ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

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