0 घटनास्थल पर ही होगी त्वरित वैज्ञानिक जांच, अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई गति
रायपुर। प्रदेश में आधुनिक कानून व्यवस्था और वैज्ञानिक अपराध अनुसंधान को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर के पुलिस ग्राउंड में अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस गरिमामय अवसर पर लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार तकनीक आधारित सुशासन और सुदृढ़ कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है। मोबाइल फॉरेंसिक वैन की शुरुआत अपराध अनुसंधान प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और तीव्र बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है। अब साक्ष्यों के संकलन और प्रारंभिक परीक्षण के लिए लंबी प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे जांच की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। यह वैन पुलिस विभाग के लिए एक चलती-फिरती अत्याधुनिक प्रयोगशाला की तरह कार्य करेगी। इस वैन के संचालन से घटनास्थल पर ही डिजिटल दस्तावेजीकरण, फोटोग्राफी, फिंगरप्रिंट और तकनीकी जांच तत्काल संभव हो सकेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, पहले घटनास्थल से साक्ष्यों को मुख्य प्रयोगशाला तक भेजने में समय लगने के कारण उनके दूषित या नष्ट होने की आशंका रहती थी, लेकिन अब इस चुनौती का स्थायी समाधान हो गया है। इससे गंभीर अपराधों की विवेचना में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी।
अत्याधुनिक सुविधाओं और उन्नत किट से सुसज्जित
यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों से लैस है, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं। घटनास्थल संरक्षण एवं साक्ष्य संग्रहण किट, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन और नारकोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट सिस्टम और हाई-रिजॉल्यूशन फोटोग्राफी उपकरण, बुलेट होल स्क्रीनिंग, बैलिस्टिक जांच और गनशॉट रेजिड्यू परीक्षण किट, कंप्यूटर आधारित त्वरित डेटा विश्लेषण एवं सुरक्षित साक्ष्य संरक्षण प्रणाली से लैस हैं।
साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली और सुशासन को बल
राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को पारदर्शी और साक्ष्य आधारित बनाना है। इस तकनीक के माध्यम से अदालतों में दोषियों के खिलाफ ठोस वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत किए जा सकेंगे, जिससे त्वरित न्याय की राह आसान होगी और निर्दोषों को राहत मिलेगी। यह नवाचार न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि आम नागरिकों के मन में सुरक्षा और न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास को और अधिक गहरा करेगा। मंत्री श्री अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में यह कदम तकनीक आधारित सुशासन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। यह वैन एक चलती-फिरती वैज्ञानिक लैब है, जो हत्या, साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर मामलों में घटनास्थल पर ही फिंगरप्रिंट, नारकोटिक्स और बैलिस्टिक जांच जैसी सुविधाएं प्रदान करेगी। इससे साक्ष्यों के नष्ट होने का खतरा खत्म होगा और न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलेगी। अपराधियों को समय पर सजा दिलाने और साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करने में यह वैन बेहद कारगर सिद्ध होगी।
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