रायपुर :- छत्तीसगढ़ में अपना घर बनाने या जमीन खरीदने का सपना देख रहे मध्यमवर्गीय परिवारों और किसानों के लिए बड़ी राहत दी गई है। विधानसभा ने ‘छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026’ को पारित कर अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60% सेस हटा दिया है। इस कदम से जनता पर सालाना 460 करोड़ रुपए का बोझ कम होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में वर्गमीटर आधारित मूल्यांकन खत्म कर हेक्टेयर दर लागू की गई है, जिससे छोटे जमीन मालिकों को 300-400 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा। कृषि भूमि पर जटिल नियम जैसे ढाई गुना मूल्यांकन और पेड़ों का अलग मूल्यांकन भी हटा दिए गए हैं, जिससे जमीन और मकान की रजिस्ट्री अधिक किफायती होगी। वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि पंजीयन प्रक्रिया को ‘वीजा ऑफिस’ की तर्ज पर स्मार्ट बनाया जा रहा है, जिससे रजिस्ट्री होते ही नामांतरण अपने आप होगा और फर्जीवाड़े रोकने के लिए आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह निर्णय केवल कर में राहत नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के सपनों को सम्मान देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे संपत्ति पंजीकरण बढ़ेगा, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई ऊर्जा मिलेगी।
Author Profile
Latest entries
Big breakingMarch 21, 2026CG – राजधानी में मिला नर कंकाल, इलाके में फैली सनसनी, शव की शिनाख्ती में जुटी पुलिस……
Big breakingMarch 21, 2026CG : बड़े भाई ने लगाई डांट, तो 10 वर्षीय बच्ची ने फांसी लगाकर दे दी जान
Big breakingMarch 21, 20261 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स सिस्टम, HRA से अलाउंस तक बड़े बदलाव
Big breakingMarch 21, 2026छत्तीसगढ़ में जमीन और घर की रजिस्ट्री हुई सस्ती 0.60% सेस खत्म, आम जनता को बड़ी राहत
