रायपुर : - छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) स्तर पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की अलग विंग बनाई जाएगी। शुरुआती चरण में 25 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम तैयार करने का प्रस्ताव है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी। इस विशेष विंग का नेतृत्व डीजी या एडीजी रैंक के अधिकारी के हाथों में रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य ड्रग्स तस्करों की पहचान करना, सप्लाई चेन तोड़ना और नशे के अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसना है।
नई टास्क फोर्स स्थानीय पुलिस के साथ आबकारी विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करेगी। जिले स्तर पर पहले से गठित एएनटीएफ इकाइयों की कार्रवाई की निगरानी भी पुलिस मुख्यालय से की जाएगी। अभियान का दायरा केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वालों से लेकर नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने पर जोर दिया जाएगा। जरूरत के मुताबिक आरोपियों की अवैध संपत्ति कुर्क करने और नीलामी जैसी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक नशे के नेटवर्क को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित नई टीम को नशे के खिलाफ अभियान तेज करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में वर्ष 2025 के दौरान नशीले पदार्थों से जुड़े 1,288 मामले दर्ज किए गए और 2,342 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान पुलिस ने 16,999.7 किलोग्राम गांजा, 1,524 किलोग्राम डोडा, 1,259 ग्राम अफीम, 2.039 किलोग्राम हेरोइन, 23.56 ग्राम कोकीन और 70.46 ग्राम एमडीएमए समेत अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए। इन आंकड़ों से राज्य में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत सामने आती है। एएनटीएफ की जिम्मेदारी एडीजी अमित कुमार को सौंपी गई है। उनके साथ डीआईजी पारुल माथुर और आईपीएस आकाश शुक्ला को भी जिम्मेदारी दी गई है। अब प्रस्तावित सेटअप के तहत एएसपी, डीएसपी, टीआई, एसआई, एएसआई और आरक्षक स्तर तक के अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। शुरुआती 25 सदस्यीय टीम के बाद जरूरत के अनुसार इसका विस्तार किया जा सकता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्यभर में नशे की तस्करी और सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को अधि

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