रायपुर। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं, इस बात को सच कर दिखाया है बलौदाबाजार के प्रगतिशील किसान रेशम लाल कन्नौजे ने।खेती में नैनो यूरिया उपयोग फैसले ने न सिर्फ उनके खेती करने के तरीके को बदला, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को भी बेहद मजबूत कर दिया है।
विकासखंड बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम लटुआ के रहने वाले रेशम लाल के पास 15 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर वे पारंपरिक तरीके से खेती करते आ रहे थे। लेकिन पिछले दो वर्षों से उन्होंने अपने खेतों में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव करते हुए पारंपरिक खाद के बजाय आधुनिक नैनो उर्वरक (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) का उपयोग करना शुरू किया। इस एक फैसले ने न सिर्फ उनके खेती करने के तरीके को बदला, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को भी बेहद मजबूत कर दिया है।
रेशम लाल कन्नौजे बताते हैं कि पिछले दो सालों में नैनो उर्वरक के इस्तेमाल से उनकी फसलों की गुणवत्ता और पैदावार में भारी बढ़ोतरी हुई है। इस आधुनिक तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह रहा कि इसने खेती की लागत को काफी हद तक कम कर दिया है, जिससे उन्हें पहले की तुलना में बहुत ज्यादा मुनाफा मिल रहा है। जहां पहले भारी-भरकम बोरियों को लाने, रखने और खेतों में डालने में काफी पैसा और मेहनत खर्च होती थी, वहीं अब नैनो उर्वरक की छोटी बोतलें न सिर्फ जेब पर हल्की साबित हो रही हैं बल्कि इनका छिड़काव करना भी बेहद आसान है। कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन लेकर रेशम लाल आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गए हैं, जो साबित करता है कि सही तकनीक के चयन से खेती को वाकई मुनाफे का सौदा बनाया जा सकता है।
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