कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी में लगता है सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यहां कोरबा जिले के विद्युत वितरण विभाग के दो अफसरों को एमडी भीम सिंह ने निलंबित कर दिया, मगर न जाने ऐसा क्या हुआ कि चेयरमेन रोहित यादव ने अगले ही दिन इनमें से एक अफसर को बहाल कर दिया। इस नाटकीय घटनाक्रम को लेकर बिजली कंपनी में जमकर बहस छिड़ गई। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या एमडी द्वारा किया गया निलंबन गलत था जो निलंबित अफसर को फिर से बहाल कर दिया गया।दरअसल बीते 10 मार्च को कोरबा दौरे पर आए एमडी भीम सिंह ने देवपहरी में व्याप्त बिजली की समस्या को दूर करने के लिए 11 केवी की विद्युत लाइन खींचने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश कोरबा के जिम्मेदार अफसरों को दिया और कहा कि जल्द से जल्द प्रस्ताव मुख्यालय में भेजें। मगर बताया जाता है कि इसमें विलंब हो गया और इससे एमडी भीम सिंह काफी नाराज हुए। उन्होंने कोरबा जिले के अधीक्षण अभियंता (एस ई) बी के सरकार और कार्यपालन अभियंता (ईई) अंशु वार्ष्णेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दे दिया।
निलंबन पर उठने लगे सवाल
सूत्र बताते हैं कि एमडी भीम सिंह द्वारा की गई निलंबन की इस कार्यवाही पर अफसर सवाल उठाने लगे, वहीं मामले में निलंबित वरिष्ठ अफसर बी के सरकार ने विद्युत कंपनी के चेयरमैन रोहित यादव के समक्ष अपना पक्ष रखा। बताते हैं कि बी के सरकार की सेवानिवृत्ति के कुछ महीने ही शेष रह गए हैं और ऐसे समय में उन्हें कार्य में विलंब के चलते निलंबित करना किसी को नहीं पच रहा था। चेयरमैन रोहित यादव ने भी मामले को समझा और एसई बी के सरकार का निलंबन खत्म करने का आदेश दे दि
बताया जा रहा है कि एसई बी के सरकार की पुनः बहाली रायपुर ई डी ओ एंड एम में किया जा रहा हैं।
एमडी भीम सिंह ने क्या कहा..?
यह महज संयोग था कि दो अफसरों के निलंबन और फिर एक को बहाल किए जाने के घटनाक्रम के बीच एमडी भीम सिंह आज कोरबा पहुंचे। यहां उन्होंने सुभाष चौक निहारिका में उद्यान के बाजू स्थित नवनिर्मित सब स्टेशन का उद्घाटन किया। इस दौरान टीआरपी न्यूज ने उनसे निलंबन संबंधी सवाल किया, तब उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही के चलते यह कार्यवाही की गई है। अगला सवाल था कि दो दिन के भीतर एक अफसर को कैसे बहाल कर दिया गया। तब उन्होंने कहा कि उसकी वजह जांच रिपोर्ट में सामने आएगी। जब पूछा गया कि क्या निलंबन गलत था, तब वे गोलमोल जवाब देने लगे कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकल पड़े।बहरहाल निलंबन और बहाली के इस खेल के चलते विद्युत कंपनी प्रबंधन की जमकर किरकिरी हो रही है। देखना है कि मंडल में लीक से हटकर हो रही इस तरह की कार्रवाईयों पर रोक लगती है या नहीं।
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