रायपुर । राज्य की सभी 33 जेलों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्सवपूर्वक मनाया गया। केंद्रीय जेल, रायपुर में मुख्य अतिथि के रूप में जेल डीजी हिमांशु गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधान मंत्री मोदी की पहल से आज पूरा विश्व योग के रंग में रंगा हुआ है। हम सभी इस महान भारतीय परंपरा का हिस्सा बन रहे हैं। वास्तव में योग का अर्थ अपने शरीर को अपने मन से जोड़ना, अपनी सांसों को अपनी आत्मा से जोड़ना, और खुद को एक सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ना है।
गुप्ता ने कहा कि योग एक ऐसी प्राचीन भारतीय पद्धति है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाने में मदद करती है। योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का एक माध्यम है। यह तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है।
केन्द्रीय जेल रायपुर में विशेष योग शिविर का आयोजन भव्य रूप से किया गया। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय जेल रायपुर के पुरूष प्रकोष्ठ में 500 बंदियों ने एवं महिला प्रकोष्ठ में 150 महिला बंदियों ने भाग लिया। योग सत्र में आर्ट ऑफ लिविंग के अनुभवी योग प्रशिक्षण अनिल अग्रवाल एवं उनके सहयोगियों द्वारा विभिन्न योग आसनों, प्राणयाम तथा ध्यान की तकनीकों का अभ्यास कराया गया। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य बंदियों को मानसिक तनाव, नकारात्मक विचार, अवसाद जैसी समस्यों से मुक्ति दिला कर उनमें आत्माविश्वास, संयम, आत्म-नियंत्रण एवं जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना था।
योग शिविर में ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, ध्यान आदि कियाओं को अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षकों द्वारा इन योगासनों के मानसिक एवं शारीरिक लाभ को बताया गया।
इस अवसर पर योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक) एवं आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के प्रशिक्षक भी उपस्थित थे।
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