इससे पहले भी 272 आत्मसमर्पित कर चुके नक्सल कैडर्स ने यह प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, और अब वे साक्षर होकर एक सामान्य नागरिक की तरह जीवन यापन कर रहे हैं। इन सभी को छ.ग. शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाली सहायता, रोजगार मूलक प्रशिक्षण और पुनर्वास के सभी लाभ दिए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भटके हुए युवाओं को हिंसा के मार्ग से हटाकर शिक्षा के माध्यम से उनके हाथों में कलम देना है। बीजापुर पुलिस जिले में सक्रिय नक्सलियों से लगातार अपील कर रही है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करें और शासन की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर शांतिपूर्ण जीवन की शुरुआत करें।
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