बंगाल की खाड़ी का सिस्टम एक्टिव, छत्तीसगढ़ में कई जगह भारी बारिश के आसार, 24 घंटे बाद बदलेगा मौसम

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रायपुर । छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी हैं। मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम अगले 24 घंटे तक प्रभावी रह सकता है। इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढऩे से छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियों की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।

मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। सरगुजा संभाग को छोडक़र बाकी सभी संभागों के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक की मौसमी वर्षा लगभग सामान्य है। सामान्य बारिश की तुलना में फिलहाल करीब 2 प्रतिशत का अंतर दर्ज किया गया है।

आगे बढ़ेगा लो प्रेशर सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार 25 अगस्त को झारखंड और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र फिलहाल उसी इलाके में सक्रिय है। इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। ऊंचाई बढऩे के साथ इसका झुकाव दक्षिण दिशा की ओर है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ सकता है। सिस्टम के आगे बढऩे के साथ छत्तीसगढ़ में इसका प्रभाव भी धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। हालांकि इस दौरान कई जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में बुधवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक दिन में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

बारिश के कारण
तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होने की संभावना है। हालांकि गरज-चमक और तेज हवा के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

10 जिलों में बारिश और बिजली का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार सुबह 7 बजे से अगले तीन घंटे के लिए प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में मौसम खराब रहने की संभावना है। इन जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

बड़े बचेली में सबसे ज्यादा 17 सेमी बारिश
बीते 24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मंगलवार को बड़े बचेली में सबसे ज्यादा 17 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके बाद ओडगी में 12 सेमी और राजिम में 11 सेमी बारिश हुई। कुटरू, गोबरा नवापारा और मस्तूरी में 10-10 सेमी बारिश दर्ज की गई। गंगालूर, भोपालपट्टनम और बीजापुर में 9-9 सेमी पानी गिरा। बिहारपुर, मंदिर हसौद, अकलतरा और कोरबा में 8-8 सेमी बारिश दर्ज हुई।

भैसमा, करतला, उसूर, माना-रायपुर एपी, भैरमगढ़, बोदरी, कुरूद और महासमुंद में 7-7 सेमी बारिश हुई। वहीं तमनार, रायपुर शहर, आरंग, लैलूंगा, छिंदगढ़, बलौदा बाजार, लाभांडी, बलौदा, खरोरा और सुकमा में 6-6 सेमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। प्रदेश के अन्य कई स्थानों पर भी 5 सेमी या इससे कम बारिश हुई।

तापमान में भी दिखा बदलाव
बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के तापमान में भी बदलाव देखने को मिला। पिछले 24 घंटे में दुर्ग में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं। बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के कारण अगले 24 घंटे बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे।

इसके बाद सिस्टम के आगे बढऩे पर बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि मानसून पूरी तरह कमजोर होने के बजाय कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश जारी रह सकती है। इसलिए आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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