Aaj Ka Panchang 03 May 2026: 03 मई 2026, रविवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है, जो कई शुभ और खास योगों के साथ आ रही है। इस दिन विंछुड़ो, त्रिपुष्कर योग और आडल योग का निर्माण हो रहा है, जो इसे और अधिक प्रभावशाली बनाते हैं। साथ ही चंद्रमा का वृश्चिक राशि में गोचर भावनात्मक गहराई और निर्णय क्षमता को प्रभावित करेगा।
संवत और मास
इस दिन विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थि और शक संवत 1948 पराभव रहेगा। पूर्णिमांत मान्यता के अनुसार यह ज्येष्ठ माह है, जबकि अमांत मान्यता में यह वैशाख माह के अंतर्गत आता है।
तिथि
कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि 03 मई को रात्रि 12:50 बजे से प्रारंभ होकर 04 मई को सुबह 03:02 बजे तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि आरंभ हो जाएगी, जो 05 मई तक प्रभावी रहेगी। द्वितीया तिथि को सामान्यतः नए कार्यों की शुरुआत के लिए मध्यम फलदायी माना जाता है।
नक्षत्र
विशाखा नक्षत्र 02 मई सुबह 04:35 बजे से प्रारंभ होकर 03 मई सुबह 07:09 बजे तक रहेगा। इसके बाद अनुराधा नक्षत्र शुरू होगा, जो 04 मई सुबह 09:57 बजे तक प्रभावी रहेगा। अनुराधा नक्षत्र को मित्रता, सहयोग और संबंधों में मजबूती का प्रतीक माना जाता है।
योग
इस दिन वरीयान योग 02 मई रात 09:44 बजे से शुरू होकर 03 मई रात 10:27 बजे तक रहेगा। इसके बाद परिघ योग का आरंभ होगा, जो 04 मई रात 11:19 बजे तक रहेगा। वरीयान योग को सामान्यतः शुभ माना जाता है, जबकि परिघ योग में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
सूर्य और चंद्रमा का समय
03 मई को सूर्योदय सुबह 5:56 बजे और सूर्यास्त शाम 6:51 बजे होगा। चंद्रमा का उदय रात 8:33 बजे और चंद्रास्त 04 मई सुबह 7:16 बजे होगा। चंद्रमा का वृश्चिक राशि में गोचर भावनाओं को गहरा बना सकता है और निर्णयों में तीव्रता ला सकता है।
अशुभ काल
इस दिन कुछ समय ऐसे हैं, जिनमें शुभ कार्य करने से बचना चाहिए:
राहुकाल शाम 5:14 बजे से 6:51 बजे तक रहेगा।
यमगण्ड दोपहर 12:23 बजे से 2:00 बजे तक रहेगा।
गुलिक काल दोपहर 3:37 बजे से 5:14 बजे तक रहेगा।
दुर्मुहूर्त शाम 5:07 बजे से 5:59 बजे तक रहेगा।
वर्ज्यम् सुबह 11:37 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा।
इन समयों में नए कार्य, यात्रा या निवेश से बचना बेहतर माना जाता है।
शुभ काल
शुभ कार्यों के लिए इस दिन कई अच्छे मुहूर्त उपलब्ध हैं:
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:19 बजे से 05:07 बजे तक रहेगा। यह समय पूजा, ध्यान और साधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:57 बजे से 12:49 बजे तक रहेगा, जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ होता है।
अमृत काल रात 10:19 बजे से 12:07 बजे तक रहेगा, जिसे विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना जाता है।
विशेष शुभ योग
इस दिन त्रिपुष्कर योग का निर्माण हो रहा है, जो 03 मई रात्रि 12:50 बजे से सुबह 07:09 बजे तक रहेगा। यह योग अत्यंत शुभ माना जाता है और इसमें किए गए कार्यों के बार-बार सफल होने की मान्यता है।
इसके अलावा 04 मई को सुबह 05:55 बजे से 09:57 बजे तक सर्वार्थसिद्धि योग भी रहेगा, जो सभी प्रकार के कार्यों में सफलता प्रदान करता है।
धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
विंछुड़ो और आडल योग के साथ त्रिपुष्कर योग का संयोग इस दिन को विशेष बनाता है। हालांकि कुछ अशुभ काल भी हैं, लेकिन सही समय का चयन करके आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। वृश्चिक राशि में चंद्रमा का गोचर गहरे भावनात्मक अनुभव और आत्मविश्लेषण का अवसर देता है।
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