00 मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन बनी सहारा, 3570 मरीजों को मिली त्वरित चिकित्सा सहायता
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के वनांचल एवं अनुसूचित जनजाति बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उद्देश्य है कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति तक समय पर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंच सके। इसी दिशा में योजनाबद्ध प्रयासों से जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना और आपातकालीन सेवाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।
आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए 1 अप्रैल 2026 को जिले को 23 नई एम्बुलेंस प्राप्त हुई हैं, जिनमें 3 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) और 20 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एम्बुलेंस शामिल हैं। इससे गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में बड़ी सुविधा मिल रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू की गई “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन” आमजन के लिए एक भरोसेमंद व्यवस्था बनकर उभरी है। सीएम कैंप कार्यालय बगिया में प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए हेल्पलाइन के माध्यम से मरीजों को इलाज, दवाइयां, अस्पताल में भर्ती, रेफरल तथा एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। बीते 26 महीनों में लगभग 3,570 मरीजों को इस सेवा का लाभ मिल चुका है। हेल्पलाइन की विशेषता यह है कि कॉल के 5 मिनट के भीतर रिस्पांस दिया जाता है और प्रत्येक प्रकरण में 1 से 3 फॉलोअप सुनिश्चित किए जाते हैं। साथ ही, एम्बुलेंस ट्रैकिंग लिंक की सुविधा से पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ी हैं।
इस हेल्पलाइन से कई जरूरतमंदों को समय पर राहत मिली है। ग्राम गोरिया के कोरवाबहरी निवासी बजरंग राम ने बताया कि उनकी माता संतरा बाई के मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए आर्थिक समस्या थी, लेकिन आवेदन देने के कुछ ही मिनटों में सहायता मिल गई और उनका सफल उपचार हुआ। इसी तरह बगीचा विकासखंड के ग्राम सरायपानी के 80 वर्षीय दिव्यांग लुंवर साय को भी त्वरित उपचार उपलब्ध कराया गया।
जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना को भी तेजी से मजबूत किया जा रहा है। कुनकुरी विकासखंड के गिनाबहार में लगभग 8 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से 50 बिस्तरीय मातृ-शिशु चिकित्सालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना भी प्रस्तावित है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बेहतर होगी।
विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में “पहाड़ी कोरवा हेल्पडेस्क” स्थापित किया गया है। स्थानीय भाषा में संवाद करने वाली प्रशिक्षित आदिवासी महिलाएं यहां मरीजों की सहायता कर रही हैं। इस पहल के माध्यम से अब तक 1450 से अधिक मरीजों को ओपीडी, 900 से अधिक को आईपीडी सेवाएं तथा 140 से अधिक सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराए जा चुके हैं। इसके साथ ही मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
इस प्रकार, जशपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और नवाचारपूर्ण पहलों के माध्यम से आमजन को बेहतर, त्वरित और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
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