जुलाई में छत्तीसगढ़ को 46,500 टन डीएपी मिली, किसानों को नहीं होगी कमी

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है।

राज्य सरकार के अनुसार 30 जून तक छत्तीसगढ़ में 13.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। वहीं जुलाई माह में राज्य को 46,500 टन डीएपी की अतिरिक्त आपूर्ति मिली है, जिससे किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

कृषि विभाग के मुताबिक इस वर्ष का भंडारण पिछले साल की समान अवधि की तुलना में अधिक है। सरकार ने खरीफ सीजन शुरू होने से पहले ही यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी जैसे प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी किसान को खाद के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए।

प्रदेश में अब तक किसानों को लगभग 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। वहीं 5.88 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों का भंडार अभी भी उपलब्ध है, जिसे आगामी मांग के अनुसार वितरित किया जाएगा। सरकार का दावा है कि मौजूदा स्टॉक किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का लक्ष्य आवंटित किया है। इसके मुकाबले राज्य ने समय रहते 13.16 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण कर लिया है। सरकार का कहना है कि मजबूत आपूर्ति प्रबंधन और अग्रिम योजना के कारण बुआई के दौरान किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। सरकार खाद के भंडारण, परिवहन और वितरण की सतत निगरानी कर रही है।

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