रायगढ़। रायगढ़ क्षेत्र में एसईसीएल के तहत भू-अर्जन के बदले नौकरी पाने वाले कर्मचारियों की बर्खास्तगी का मामला एक बार फिर गरमा गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बर्खास्त कर्मचारियों की शीघ्र पुनर्बहाली की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि जिन भू-स्वामियों ने अपनी जमीन कंपनी को सौंपी थी, उन्हें रोजगार दिया गया था, लेकिन कोरोना काल के दौरान अनुपस्थिति के आधार पर कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। इससे प्रभावित परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि उनकी जमीन भी जा चुकी है और नौकरी भी नहीं रही। उन्होंने यह भी बताया कि 7 अक्टूबर 2025 को जागृति महिला स्व सहायता समूह के नेतृत्व में हुए।धरना-प्रदर्शन के दौरान एसईसीएल रायगढ़ प्रबंधन और कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमेन ने बरौद खदान निरीक्षण के समय समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर पुनर्नियोजन का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले बिलासपुर मुख्यालय द्वारा कई बर्खास्त कर्मचारियों को मानवीय आधार पर पुनः बहाल किया जा चुका है, इसलिए रायगढ़ क्षेत्र के कर्मचारियों के साथ भी न्याय किया जाए। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो सभी प्रभावित ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
Author Profile
Latest entries
Big breakingMay 5, 2026WEST BENGAL: इस दिन होगा मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण, बंगाल बीजेपी अध्यक्ष ने दी जानकारी
Big breakingMay 5, 2026बर्खास्त कर्मचारियों की पुनर्बहाली की मांग तेज, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
Big breakingMay 5, 2026उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा-एनडीए की ऐतिहासिक जीत पर दी बधाई
Big breakingMay 5, 2026तीन राज्यों में BJP की जीत पर कोपरा में जश्न, आतिशबाज़ी और ‘झालमुड़ी पार्टी’ से गूंजा शहर
