रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को नक्सल हिंसा से मुक्ति पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लाया गया आभार प्रस्ताव लंबी चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों तक नक्सल हिंसा के कारण बस्तर का विकास और शिक्षा प्रभावित रहे, लेकिन अब केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के साहस तथा स्थानीय जनता के सहयोग से प्रदेश शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
मुख्यमंत्री ने नक्सल विरोधी अभियान में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में अपनाई गई सुरक्षा एवं विकास आधारित रणनीति की सराहना की।
उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं
सीएम ने कहा कि बस्तर में 6.79 लाख राशन कार्ड, 17 लाख जनधन खाते, 22 लाख आयुष्मान कार्ड और 1.76 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही नक्सल प्रभावित परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार अतिरिक्त आवास भी मंजूर किए गए हैं।
चर्चा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप भावुक हो गए। डॉ. रमन सिंह ने इसे दुनिया की सबसे बड़ी नक्सल विरोधी लड़ाई की जीत बताया, जबकि केदार कश्यप ने नक्सल हिंसा की भयावह घटनाओं को याद करते हुए कहा कि अब बस्तर भय नहीं, विकास की पहचान बनेगा।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने विपक्ष की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ नक्सली संगठन से मुक्त होकर नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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