रायपुर: स्काउट जीवन जीने की एक पद्धति है, जो व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी आत्मनिर्भर बनना, टीम भावना से कार्य करना और समाज के लिए समर्पित रहना सिखाती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के भव्य समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने देश के विभिन्न राज्यों से पधारे रोवर-रेंजरों एवं स्काउट-गाइड्स का भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की तपोभूमि छत्तीसगढ़ में आत्मीय अभिनंदन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह जंबूरी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता का जीवंत उत्सव है।
‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की सजीव झलक बनी राष्ट्रीय जंबूरी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश में पहली बार इस स्तर की राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन होना और उसके लिए छत्तीसगढ़ का चयन होना पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के रोवर-रेंजरों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, झांकियों और गतिविधियों के माध्यम से भारत की समृद्ध विविधता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

युवा ही राष्ट्र का भविष्य, स्काउटिंग से मिलती है नेतृत्व की शक्ति
मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही राज्य और देश का भविष्य हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक वाक्य –”उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” – का उल्लेख करते हुए युवाओं को आत्मविश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड संगठन द्वारा सिखाए गए अनुशासन, सेवा-भाव, नेतृत्व और टीमवर्क जैसे मूल्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में स्काउट-गाइड्स द्वारा किए गए सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समाज को जागरूक और सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत उपस्थित युवाओं को शपथ भी दिलाई।
15 हजार से अधिक रोवर-रेंजरों की सहभागिता से ऐतिहासिक बना जंबूरी
09 से 13 जनवरी तक आयोजित इस पांच दिवसीय जंबूरी में देश-विदेश से 15 हजार से अधिक रोवर-रेंजरों ने भाग लिया। समापन समारोह के दौरान देशभर से आए प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को भारतीय कला, संस्कृति और सौहार्द से सराबोर कर दिया। विशाल जनसैलाब की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
स्कूल शिक्षा मंत्री एवं स्काउट-गाइड के राज्य अध्यक्ष श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में यह राष्ट्रीय जंबूरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि जंबूरी के दौरान युवा संसद, कौशल प्रदर्शन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आदिवासी एथनिक फैशन शो जैसे कार्यक्रमों ने युवाओं को नई दृष्टि और मंच प्रदान किया।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव को राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल द्वारा सिल्वर एलीफेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
सेवा, समर्पण और सहभागिता से बनेगा श्रेष्ठ भारत
भारतीय स्काउट-गाइड के राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल ने कहा कि स्काउटिंग का मूल मंत्र है –“अपने कार्यों से दूसरों का भला करना।” उन्होंने कहा कि परंपरा और आधुनिकता का संतुलन तथा सेवा-भाव ही एक सशक्त और विकसित राष्ट्र की नींव रखता है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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