रायपुर। सुप्रीम कोर्ट में चैतन्य बघेल की जमानत को लेकर चल रहे केस में उस वक्त दिलचस्प मोड़ आ गया, जब खुद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुनवाई के दौरान समय मांग लिया।
मामला चैतन्य बघेल की उस जमानत से जुड़ा है, जो उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से आबकारी घोटाला केस में मिली थी। ED ने इस जमानत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है
लेकिन 17 जून की सुनवाई के दौरान जैसे ही केस लगा, ED की ओर से पेश वकील ने अदालत से अगली तारीख देने की मांग कर दी। इस पर चैतन्य बघेल की तरफ से आपत्ति भी जताई गई कि कोई औपचारिक आवेदन दाखिल नहीं हुआ है।
इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “यही हमारे आंशिक कार्य दिवसों की खूबसूरती है… पहले सूचीबद्ध करो और फिर स्थगन।” उनकी यह बात कोर्टरूम में चर्चा का विषय बन
अब इस मामले की अगली सुनवाई करीब एक महीने बाद होने की संभावना है। ED का कहना है कि हाईकोर्ट ने जमानत देते समय जरूरी कानूनी पहलुओं पर ठीक से विचार नहीं किया था।
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